जय -जय श्री गोपालजू ---तेरी गैया रहीं पुकार !
लालच -लोभ में आईके --- मारें -काटें गौ धिक्कार !!
अ ---कृपया ध्यान रखें - (एकादश मन्त्राः )------------
1-कोई भी चाहे कितना भी बड़ा क्यूँ न हो --
2-चाहे वो गुरु हो चाहे चेला --
3-चाहे वह किसी भी विधि -मत -संप्रदाय -प्रवाह का आचार्य ही क्यों न हो --
4-चाहे वो परमहंस हो ---
5-चाहे वो अकिंचित वैष्णवाचार्य हो --
6-चाहे वो भक्तिमार्ग पुरोधा श्रेष्ठ भक्त हो --
7-चाहे वो ( कथित ,, सच में ऐसा कोई भी नंदलाला - भगवान - श्री श्यामसुन्दर - गोविन्द - गोपाल - मदनमोहन - श्री राधावल्लभ जी के अलावा हो ही नहीं सकता ) कृष्ण प्रेम रससिन्धु -लीलाधारी -स्वयंप्रकट अवतारी युगपुरुष हो ---
8-चाहे वो महाचमत्कारी फकीर -साधू-संत-महात्मा-गुरु हो --
9-चाहे वो संसार का सबसे अधिक चेला वाला गुरु हो --
10-चाहे वो पूर्ण सत्यबादी एवं दानी महापुरुष हो --
11-चाहे वो कोई नया सच्चा या झूंठा (मनगढ़ंत ,,सच में कोई भी भगवान श्री राम या श्याम के अलावा पूर्ण भगवद अवतार -भगवान है ही नहीं है ) भगवान ही क्यों न हो --
नोट -1-उसके लिए सर्वप्रथम गौ सेवा अनिवार्य है --गौ रक्षा का संकल्प अनिवार्य है -
चाहे वह हरिनाम रटता हो -चाहे वह हरिनाम संकीर्तन में रत हो -
उसके लिए गौ सेवा परमावश्यक है !!--
विना गौ सेवा के ज्ञान -भक्ति -योग -मोक्ष कुछ भी नहीं है !!
नोट -2-यदि कोई गौसेवा नहीं करता वह संत -महात्मा -गुरु -भक्त हो ही नहीं सकता !!
नोट -3-गौ हत्यारे या हत्यारों को गौ वेचने वाले नर -पिचास हैं !!
इन्हें कठोरतम दंड मिलना चाहिए !!
नोट -4-जो वैष्णव या सनातनी इसे पढ़कर कमेंट्स में --
जय गौ माता या अन्य कुछ गौ सेवा में नहीं लिखे तो समझाना वो चांडाल है !!!!!!!
ब---कृपया संकल्प रखें !!!!!!!!!!!!!!!!!(एकादश -संकल्पा )
1-गौ माता की हमें सेवा करनी है - भगवान ने गौ माता को हमें पूजने के लिए दिया है - हमें गौ माता से सेवा लेने का कोई अधिकार नहीं है - यदि कोई भी गैया -मैया से सेवा लेता हैं तो वह महापाप है !!---
2-सबसे पहले गैया -मैया के सन्तानों के लिए गैया -मैया का ढूध है उसके बाद उनके पेट भरने पर हम गैया -मैया का दुग्धामृत अपने लिए ले सकते हैं !!---
3-हष्ट -पुष्ट सांडों का होना गौ सेवा की सच्ची झलक है - यदि किसी गौशाला में हष्ट -पुष्ट सांड नहीं हैं तो वह गौशाला गौशोषण शाला है !!
4-बछड़ों का वधिया करन भी महापाप है !!
5-सांडों को आवारा पीटने व भूखा रहने के लिए छोड़ना भी महापाप है !!
6-प्रत्येक गौशाला में एक सुयोग्य पशु चिकित्सा अधिकारी का होना परमावश्यक है !!
7-गौ माता से प्रसाद के रूप में उसका दुग्ध न लें उसका अनमोल गोबर व मूत्र ही महाप्रसाद है !!
8-प्रतिदिन सर्वप्रथम गौ ग्रास निकालें व गैया -मैया को भेंट दें !!
9-गैया व सांड में भेद-बुद्धि रखना (दोंनो ही गौ वंश हैं -पूज्यनीय हैं ) महापाप है !!
10-अपनी आय का दशमांश गौ -सेवा में अर्पित करें !!
11-मृत गाय को भी कसाई को न दें - मृत गाय की विधिवत अंत्येष्टि परमावश्यक है !!
नोट -प्रतिज्ञा करें में श्रेष्ठ सनातन धर्मं-संस्कृति का अंश हूँ अतः मेरी गौ -सेवा में निष्ठां है -मैं गोपाल जी की पूजा गैया - मैया की सेवा मानता हूँ !!
जय -जय श्री राधेश्याम
गावो विश्वस्य मातरः
गौ सेवा हि परमो धर्मः
गैया-मैया की जय
स्वीट राधिका राधे-राधे
स्वीट राधिका राधे-राधे

















































